लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की रैली गुरुवार को कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजित हुई, जिसमें पार्टी प्रमुख मायावती ने जोरदार संबोधन किया। नौ साल बाद लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन करते हुए मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बसपा शासनकाल में कासगंज जिले का नाम मान्यवर कांशीराम नगर रखा गया था, लेकिन सपा सरकार ने सत्ता में आते ही इसे बदल दिया।
मायावती ने इमरजेंसी का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान संविधान को कुचला गया और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को न संसद में प्रवेश मिला, न ही समय पर भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने सपा पर मान्यवर कांशीराम का अपमान करने का आरोप लगाते हुए दलित समाज से जागरूक होने की अपील की।
रैली में मायावती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार की कार्यशैली की तारीफ की। उन्होंने कहा, “हम भाजपा सरकार के आभारी हैं, क्योंकि सपा शासन की तरह इस स्मारक से एकत्र धन को दबाया नहीं गया। बसपा सरकार ने यह स्मारक बनवाया था और इसके रखरखाव के लिए टिकट व्यवस्था शुरू की थी, जिसकी आय लखनऊ के पार्कों और स्मारकों के संरक्षण में उपयोग होती थी।”
मायावती ने बताया कि कांशीराम स्मारक की मरम्मत का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जिसके कारण इस बार लाखों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उन्होंने कहा, “आपने अपने ही रिकॉर्ड तोड़ दिए और भारी संख्या में मान्यवर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की।”